कुरान - 51:39 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
فَتَوَلَّىٰ بِرُكۡنِهِۦ وَقَالَ سَٰحِرٌ أَوۡ مَجۡنُونٞ

Transliteration: (Fatawalla biruknihee wa qaala saahirun aw majnoon)

मगर वह अपने लश्कर के बल पर अकड़ गया (मुँह फेर लिया) [43] और बोला: "यह तो जादूगर है या दीवाना [44]!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 39

"मगर वह अपने लश्कर के बल पर अकड़ गया (मुँह फेर लिया) [43] और बोला: 'यह तो जादूगर है या दीवाना [44]!'"


[43] फ़िरऔन का फ़ौज और ताक़त पर घमंड

फ़िरऔन ने अपनी हुकूमत, फ़ौज और ज़ाहिरी ताक़त के नशे में चूर होकर हक़ से मुँह मोड़ लिया और तकब्बुर में मुब्तला हो गया।


[44] नबी की शान में गुस्ताख़ाना इल्ज़ाम

जब मुअजिज़ात का कोई जवाब न बन पड़ा, तो उसने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को कभी जादूगर और कभी दीवाना कहा। यह हर ज़माने के हक़-दुश्मनों का पुराना तरीक़ा रहा है।

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