कुरान - 46:26 सूरह अल-अहक़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

26
وَلَقَدۡ مَكَّنَّـٰهُمۡ فِيمَآ إِن مَّكَّنَّـٰكُمۡ فِيهِ وَجَعَلۡنَا لَهُمۡ سَمۡعٗا وَأَبۡصَٰرٗا وَأَفۡـِٔدَةٗ فَمَآ أَغۡنَىٰ عَنۡهُمۡ سَمۡعُهُمۡ وَلَآ أَبۡصَٰرُهُمۡ وَلَآ أَفۡـِٔدَتُهُم مِّن شَيۡءٍ إِذۡ كَانُواْ يَجۡحَدُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ

Transliteration: (Wa laqad makkannaahum feemaaa im makkannaakum feehi waj'alnaa lahum sam'anw wa absaaranw wa af'idatan famaaa aghnaa 'anhum sam'uhum wa laaa absaaruhum wa laaa af'idatuhum min shai'in iz kaanoo yajhadoona bi Aayaatil laahi wa haaqa bihim maa kaanoo bihee yastahzi'oon (section 3))

और बेशक हमने उन्हें ऐसा इक़्तिदार और ताक़त [73] दी थी जो तुम्हें नहीं दी; और हमने उन्हें कान, और आँखें, और दिल अता किए थे [74]; मगर न उनके कान उनके कुछ काम आए, न उनकी आँखें, और न उनके दिल [75], क्योंकि वे अल्लाह की आयतों का इनकार करते थे; और उन्हें उसी (अज़ाब) ने आ घेरा जिसका वे मज़ाक़ उड़ाया करते थे [76]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अहक़ाफ़ आयत 26 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अहक़ाफ़ तफ़सीर - आयत 26

"और बेशक हमने उन्हें ऐसा इक़्तिदार और ताक़त [73] दी थी जो तुम्हें नहीं दी; और हमने उन्हें कान, और आँखें, और दिल अता किए थे [74]; मगर न उनके कान उनके कुछ काम आए, न उनकी आँखें, और न उनके दिल [75], क्योंकि वे अल्लाह की आयतों का इनकार करते थे; और उन्हें उसी (अज़ाब) ने आ घेरा जिसका वे मज़ाक़ उड़ाया करते थे [76]!"

[73] क़ौम-ए-आद की बेमिसाल ताक़त

अहल-ए-मक्का को याद दिलाया गया कि आद के लोग जिस्मानी ताक़त, क़द-काठ, दौलत और उमदा महलात में तुमसे कहीं ज़्यादा ताक़तवर थे। जब उनकी ताक़त उन्हें अल्लाह के अज़ाब से न बचा सकी तो तुम्हारी क्या हैसियत है?

[74-75] हवाश और अक़्ल का ग़लत इस्तेमाल

अल्लाह ने उन्हें सुनने के लिए कान, देखने के लिए आँखें और समझने के लिए दिल दिए थे, मगर उन्होंने इन नेअमतों को हक़ पहचानने के बजाय कुफ़्र और सरकशी में इस्तेमाल किया। इसलिए मुसीबत के वक़्त ये नेअमतें उनके किसी काम न आईं।

[76] मज़ाक़ उड़ाने का वबाल

जिस अज़ाब को वे मज़ाक़ समझते थे, उसी अज़ाब ने आकर उन्हें चारों तरफ़ से घेर लिया।

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