कुरान - 33:4 सूरह अल-अहज़ाब अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
مَّا جَعَلَ ٱللَّهُ لِرَجُلٖ مِّن قَلۡبَيۡنِ فِي جَوۡفِهِۦۚ وَمَا جَعَلَ أَزۡوَٰجَكُمُ ٱلَّـٰٓـِٔي تُظَٰهِرُونَ مِنۡهُنَّ أُمَّهَٰتِكُمۡۚ وَمَا جَعَلَ أَدۡعِيَآءَكُمۡ أَبۡنَآءَكُمۡۚ ذَٰلِكُمۡ قَوۡلُكُم بِأَفۡوَٰهِكُمۡۖ وَٱللَّهُ يَقُولُ ٱلۡحَقَّ وَهُوَ يَهۡدِي ٱلسَّبِيلَ

Transliteration: (Maa ja'alal laahu lirajulim min qalbaini fee jawfih; wa maa ja'ala azwaajakumul laaa'ee tuzaahiroona minhunna ummahaatikum; wa maa ja'ala ad'iyaaa'akum abnaaa'akum; zaalikum qawlukum bi afwaa hikum wallaahu yaqoolul haqqa wa Huwa yahdis sabeel)

अल्लाह ने किसी आदमी के सीने में दो दिल [4] नहीं रखे, और न उसने तुम्हारी उन बीवियों को तुम्हारी हक़ीक़ी माँएं [5] बनाया जिनसे तुम ज़िहार करते हो (माँ कह बैठते हो), और न उसने तुम्हारे लेपालकों को तुम्हारे हक़ीक़ी बेटे बनाया; यह सिर्फ़ तुम्हारे मुंह की [6] बात है; और अल्लाह हक़ फ़रमाता है और वही (सीधा) रास्ता [7] दिखाता है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अहज़ाब आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अहज़ाब तफ़सीर - आयत 4

"अल्लाह ने किसी आदमी के सीने में दो दिल [4] नहीं रखे, और न उसने तुम्हारी उन बीवियों को तुम्हारी हक़ीक़ी माँएं [5] बनाया जिनसे तुम ज़िहार करते हो (माँ कह बैठते हो), और न उसने तुम्हारे लेपालकों को तुम्हारे हक़ीक़ी बेटे बनाया; यह सिर्फ़ तुम्हारे मुंह की [6] बात है; और अल्लाह हक़ फ़रमाता है और वही (सीधा) रास्ता [7] दिखाता है।"

[4] एक जिस्म में दो दिल नहीं होते

शाने नुज़ूल:
अबू मअमर जुमआन बिन क़ैस अपने तेज़ हाफ़िज़े (याद्दाश्त) के लिए मशहूर था। अहले अरब कहा करते थे कि उसके दो दिल हैं। लेकिन जंगे बद्र के दौरान वह इस क़दर बदहवास होकर भागा कि एक जूता हाथ में ले रखा था और दूसरा पाँव में पहन रखा था। जब उससे पूछा गया, तो उसने कहा कि मुझे गुमान था कि मैंने दोनों जूते पाँव में पहन रखे हैं। इससे अहले अरब के बातिल अक़ीदे की हक़ीक़त खुल गई।

इसी तरह मुनाफ़िक़ों ने बदगुमानी फैलाई कि हुज़ूर ﷺ के (मआज़अल्लाह) दो दिल हैं, एक उनके साथ और दूसरा सहाबा-ए-किराम के साथ।
इस आयत ने इस ख़याल का पुरज़ोर रद्द फ़रमाया: इंसान या तो सच्चा मोमिन हो सकता है या काफ़िर, दोनों एक साथ नहीं हो सकते—क्योंकि इंसान का दिल एक ही होता है। यूँ निफ़ाक़ और दोहरे मेआयर की मज़म्मत फ़रमाई गई।

[5] ज़िहार और लेपालक (मुतबन्ना) की रस्म का रद्द

शाने नुज़ूल:
ज़माना-ए-जाहिलियत में अहले अरब ज़िहार करते थे, यानी जब कोई अपनी बीवी को अपनी माँ की पुश्त के मुशाबह कह देता, तो उसे हमेशा के लिए हराम समझ बैठता था। इसी तरह वे लेपालक (मुतबन्ना) को सगा बेटा मानते थे—उसे मीरास में हिस्सा देते थे और उसकी बीवी (तलाक के बाद) को सगी बहू की तरह हमेशा के लिए हराम ठहराते थे।

इस आयत-ए-करीमा ने उन जाहिली रस्मों को जड़ से ख़त्म फ़रमा दिया। सिर्फ़ मुंह से बीवी को माँ कह देने या लेपालक को बेटा कह देने से हक़ीक़ी रिश्ते तब्दील नहीं होते। इस्लामी शरीअत ऐसे ज़बानी दावों को कोई शरई हैसियत नहीं देती।

[6] सिर्फ़ ज़बानी अल्फ़ाज़ से शरई अहकाम नहीं बदलते

यह जुमला वाज़ेह करता है कि सिर्फ़ ज़बानी बातें (जैसे किसी को माँ, बेटा या भाई कह देना) शरई अहकाम को नहीं बदल सकतीं:

  • ज़िहार करने से बीवी कभी हक़ीक़ी माँ नहीं बनती।

  • मुतबन्ना (लेपालक) कभी सगे बेटे का दर्जा नहीं पा सकता।

  • मीरास और शरई हुक़ूक़ दावों पर नहीं, बल्कि हक़ीक़ी नसब और ख़ून के रिश्तों पर मब्नी हैं।

[7] वह्ये इलाही के ज़रिये हक़ की रहनुमाई

शाने नुज़ूल:
हज़रत ज़ैद बिन हारिसा (रज़ियल्लाहु अन्हु) हज़रत ख़दीजातुल कुबरा (रज़ियल्लाहु अन्हा) के ग़ुलाम थे, जिन्हें उन्होंने हुज़ूर ﷺ की ख़िदमत में पेश किया। हुज़ूर ﷺ ने उन्हें आज़ाद फ़रमा दिया और बेपनाह मोहब्बत की वजह से लोग उन्हें “ज़ैद बिन मुहम्मद” पुकारने लगे।

हज़रत ज़ैनब बिन्ते जहश (रज़ियल्लाहु अन्हा) का निकाह पहले हज़रत ज़ैद से हुआ था। जब उनमें तलाक़ हो गई, तो अल्लाह के हुक्म से हुज़ूर ﷺ ने हज़रत ज़ैनब से निकाह फ़रमाया। इस पर मुशरिकीन और मुनाफ़िक़ों ने शोशा छोड़ा और तअ़्ना दिया कि हुज़ूर ﷺ ने अपनी “बहू” से निकाह कर लिया।

यह आयत मुबारका उनके एतिराज़ का क़तई जवाब देने के लिए नाज़िल हुई, जिसमें यह साफ़ फ़रमा दिया गया कि लेपालक हक़ीक़ी बेटे नहीं होते, लिहाज़ा उनकी तलाक़-याफ़्ता बीवी से निकाह पर कोई शरई ममानअत नहीं।
इसने नसब के सच्चे शरई तसव्वुर को बहाल किया और गुमराह-कुन रस्मों-रिवाज की इस्लाह फ़रमाई।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now