कुरान - 96:2 सूरह अल-अलाक़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
خَلَقَ ٱلۡإِنسَٰنَ مِنۡ عَلَقٍ

Transliteration: (Khalaqal insaana min 'alaq )

2.जिसने इंसान को [3] जमे हुए खून के लोथड़े [4] से पैदा किया। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अलाक़ आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

जिसने इंसान को जमे हुए खून के लोथड़े से पैदा किया (Who Has Created Man from a Blood Clot)

सूरह अल-अलक़, 96:2

आयत की व्याख्या (Verse Breakdown)

जिसने इंसान को पैदा किया [3] (Who Has Created Man)

  • इसका मतलब संपूर्ण इंसानियत है या विशेष रूप से नबी ﷺ का उल्लेख, जो सृष्टि की बुलंदी और शान हैं।
  • नबी ﷺ का सृजन खुदा की कुदरत का बेहतरीन नमूना और फख्र का सबब है।

जमे हुए खून के लोथड़े से [4] (From the Blood Clot)

  • इंसान की पैदाइश के मराहिल (stages) को दर्शाता है:
    1. मिट्टी से पोषण पैदा होता है।
    2. पोषण से खून बनता है।
    3. खून से वीर्य (sperm) बनता है, जो मांस के लोथड़े में तब्दील होता है।
    4. यह लोथड़ा इंसानी जिस्म की बारीक तामीर में ढल जाता है।

सृष्टि पर चिंतन (Reflection on Creation)

  • यह आयत अल्लाह की बेपनाह कुदरत और तखलीक़ के अमल को उजागर करती है।
  • इसमें अल्लाह की सृष्टि में मौजूद तरतीब और हर कमी से पाक होने का जिक्र है।
  • हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) और हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) इस सामान्य प्रक्रिया से अलग हैं, जो अल्लाह की अनोखी ताकत का प्रमाण हैं।

आयत के रूहानी असरात (Spiritual Implications of the Verse)

जिस्मानी और रूहानी तखलीक़ का ताल्लुक़ (Parallel Between Physical and Spiritual Creation)

  • जैसे अल्लाह एक नापाक खून के लोथड़े को एक इज्ज़तदार इंसान में तब्दील करता है, वैसे ही वह गुनहगारों को पाक और बुलंद कर सकता है।
  • नबी ﷺ के ज़रिए अल्लाह ने वादा किया कि मक्का के नैतिक रूप से गिरे हुए लोगों को वह रूहानी और नैतिक बुलंदी तक पहुंचाएगा।
  • ये बदले हुए लोग इस्लामी शरीयत और रूहानी इल्म (तसव्वुफ़) के सरचश्मे बन गए।

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