कुरान - 21:38 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَٰذَا ٱلۡوَعۡدُ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ

Transliteration: (Wa yaqooloona mataa haazal wa'du in kuntum saadiqeen)

38. और वे कहते हैं कि 'यह वादा कब पूरा होगा, अगर तुम सच्चे हो?' [60] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 38 की तफ़सीर

"और वे कहते हैं कि 'यह वादा कब पूरा होगा, अगर तुम सच्चे हो?' [60]"

[60] इस्तिहज़ा के तौर पर अज़ाब का मुतालबा

काफ़िरों का यह पूछना तहक़ीक़ या ईमान की नीयत से नहीं था, बल्कि सरासर इस्तिहज़ा (मज़ाक़) और तकज़ीब पर मबनी था। वे समझते थे कि चूंकि अज़ाब फ़ौरन नहीं आ रहा, इसलिए यह सिर्फ़ डराने की बात है। लेकिन अल्लाह की ढील को कमज़ोरी नहीं समझना चाहिए; जब उसका अज़ाब आता है तो कोई उसे रोक नहीं सकता।

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