कुरान - 21:4 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
قَالَ رَبِّي يَعۡلَمُ ٱلۡقَوۡلَ فِي ٱلسَّمَآءِ وَٱلۡأَرۡضِۖ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ

Transliteration: (Qaala Rabbee ya'lamul qawla fis samaaa'i wal ardi wa Huwas Samee'ul 'Aleem)

4. नबी ने फ़रमाया, 'मेरा रब आसमानों और ज़मीन की हर बात को ख़ूब जानता है, और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है' [8] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 4 की तफ़सीर

"नबी ने फ़रमाया, 'मेरा रब आसमानों और ज़मीन की हर बात को ख़ूब जानता है, और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है' [8] ।"

[8] अल्लाह का इल्मे मुहीत और मुनकिरीन की साज़िशें

यह हुज़ूर (ﷺ) की तरफ़ से मुशरिकों की ख़ुफ़िया साज़िशों का दनदनाता हुआ जवाब था कि तुम चाहे कितनी ही चुपके से सरगोशी करो, अल्लाह तआला ज़मीन व आसमान की हर मख़फ़ी और ज़ाहिर बात से बा-ख़बर है।

लिहाज़ा मुनकिरीन को उनकी बदगोई की सज़ा मिलेगी, और अहले ईमान को उनकी पोशीदा इबादतों का बेहतरीन बदला अता होगा।

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