Transliteration: (Wa Daawooda wa Sulaimaana iz yahkumaani fil harsi iz nafashat feehi ghanamul qawmi wa kunnaa lihukmihim shaahideen)
"और दाऊद और सुलैमान को (याद कीजिए) [114] जब वे दोनों एक खेती के मुआमले में फ़ैसला कर रहे थे जब रात के वक़्त उसमें किसी क़ौम की बकरियाँ (छूटकर) चर गई थीं; और हम उनके फ़ैसले के गवाह थे।"
हज़रत दाऊद (अलैहिस्सलाम) की अदालत में एक मुक़द्दमा पेश हुआ: एक शख़्स के अंगूर के बाग़ या खेत में रात के वक़्त दूसरे शख़्स की बकरियाँ घुस गईं और पूरी फ़सल चरकर बर्बाद कर दी।
हज़रत दाऊद (अलैहिस्सलाम) ने यह फ़ैसला फ़रमाया कि चूंकि फ़सल का नुक़्सान बकरियों की क़ीमत के बराबर है, लिहाज़ा हर्जाने के तौर पर सारी बकरियाँ खेत वाले को दे दी जाएं। उस वक़्त हज़रत सुलैमान (अलैहिस्सलाम) की उम्र सिर्फ़ ग्यारह साल थी और वे भी वहाँ मौजूद थे।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat