कुरान - 25:2 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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ٱلَّذِي لَهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَلَمۡ يَتَّخِذۡ وَلَدٗا وَلَمۡ يَكُن لَّهُۥ شَرِيكٞ فِي ٱلۡمُلۡكِ وَخَلَقَ كُلَّ شَيۡءٖ فَقَدَّرَهُۥ تَقۡدِيرٗا

Transliteration: (Allazee lahoo mulkus samaawaati wal ardi wa lam yattakhiz waladanw wa lam yakul lahoo shareekun filmulki wa khalaqa kulla shai'in faqaddarahoo taqdeeraa)

वही है जिसके लिए आसमानों और ज़मीन की बादशाही है [4], और उसने न तो किसी को अपना बेटा बनाया है और न ही उसकी बादशाही में कोई शरीक है [5]; और उसने हर चीज़ को पैदा फ़रमाया, फिर उसका एक ठीक-ठीक अंदाज़ा (तक़दीर) मुक़र्रर कर दिया [6]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 2

"वही है जिसके लिए आसमानों और ज़मीन की बादशाही है [4], और उसने न किसी को बेटा बनाया और न बादशाही में कोई शरीक है [5]; और हर चीज़ को पैदा कर उसका ठीक-ठीक अंदाज़ा मुक़र्रर कर दिया [6]।"

[4] आसमानों और ज़मीन की मुतलक़ हुकूमत

कायनात के ज़र्रे-ज़र्रे की मुतलक़ मिल्कियत, हुकूमत और तसर्रुफ़ सिर्फ़ अल्लाह वाहिद कह्हार के दस्ते-क़ुदरत में है। कोई दूसरा न आसमानों में दख़ील है और न ज़मीन पर।

[5] औलाद और शिर्क की नफ़ी

अल्लाह तआला औलाद की हाजत और हर ऐब से पाक है। ईसाइयों, यहूदियों और मुशरिकीन के इस बातिल अक़ीदे का रद्द फ़रमाया कि ख़ुदा का कोई बेटा या बेटी है। दुनिया के बादशाहों को मददगारों और वज़ीरों की ज़रूरत होती है, लेकिन अल्लाह की बादशाही में कोई उसका शरीक या मुआवीन नहीं।

[6] हर चीज़ की तख़्लीक़ और उसकी तक़दीर

अल्लाह तआला ने कायनात की हर मख़्लूक़ को पैदा फ़रमाया और उसकी शक्ल, उम्र, रिज़्क़, सलाहियत और मक़सद का एक हिकमत-भरा ठीक-ठीक अंदाज़ा (तक़दीर) मुक़र्रर फ़रमा दिया। कायनात का कोई अमल इत्तिफ़ाक़िया नहीं बल्कि रब्बी मंसूबे के तहत है।

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