Transliteration: (Laqad adallanee 'aniz zikri ba'da iz jaaa'anee; wa kaanash Shaitaanu lil insaani khazoolaa)
"बेशक उसने मुझे नसीहत से भटका दिया इसके बाद कि वह आ चुकी थी; और शैतान इंसान को दगा देकर छोड़ देता है [55]!"
वह ज़ालिम कहेगा कि क़ुरआन और नबी-ए-करीम ﷺ की नसीहत मुझ तक पहुँच चुकी थी और मैं हिदायत के क़रीब था, लेकिन इस बदबख़्त दोस्त ने मुझे बहकाकर हक़ से महरूम कर दिया। और शैतान की फ़ितरत ही यही है कि वह इंसान को गुनाह और कुफ़्र में मुब्तला करके ऐन मुसीबत के वक़्त अकेला और बेबस छोड़ देता है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat