Transliteration: (Wa law shi'naa laba'asnaa fee kulli qaryatin nazeeraa)
"और अगर हम चाहते तो हर बस्ती में एक डराने वाला भेज देते [95]।"
अगर अल्लाह चाहता तो हर शहर और हर क़बीले में अलग-अलग नबी भेज देता जैसा कि बनी इसराईल में होता था। लेकिन अल्लाह ने अपने हबीब मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ को ऐसा अज़ीम मर्तबा और क़ुव्वत बख़्शी कि पूरी दुनिया की तमाम बस्तियों और क़ियामत तक के तमाम इंसानों के लिए अकेले आपको ही काफ़ी फ़रमा दिया। यह हुज़ूर ﷺ की शान-ए-ख़ात्मियत और शान-ए-जामइयत का इज़हार है।
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