कुरान - 17:58 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

58
وَإِن مِّن قَرۡيَةٍ إِلَّا نَحۡنُ مُهۡلِكُوهَا قَبۡلَ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ أَوۡ مُعَذِّبُوهَا عَذَابٗا شَدِيدٗاۚ كَانَ ذَٰلِكَ فِي ٱلۡكِتَٰبِ مَسۡطُورٗا

Transliteration: (Wa in min qaryatin illaa Nahnu muhlikoohaa qabla Yawmil Qiyaamati aw mu'az ziboohaa 'azaaban shadeedaa; kaana zaalika fil Kitaabi mastooraa)

और कोई भी बस्ती ऐसी नहीं है जिसे हम क़यामत के दिन से पहले नष्ट न कर दें या उसे कठोर सज़ा न दें; यह बात किताब (लौह-ए-महफ़ूज़) में लिखी हुई है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 58 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-इस्रा – आयत 58 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] लौह-ए-महफ़ूज़ का ईश्वरीय विधान

क़यामत आने से पहले हर नाफ़रमान समाज अपने अंजाम को पहुंचेगा, यह तक़दीर के मूल रजिस्टर में पहले से अंकित है।

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