कुरान - 54:52 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

52
وَكُلُّ شَيۡءٖ فَعَلُوهُ فِي ٱلزُّبُرِ

Transliteration: (Wa kullu shai'in fa'aloohu fiz Zubur)

और जो कुछ उन्होंने किया है, वह सब आमाल-नामों में दर्ज है [69]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 52 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 52

"और जो कुछ उन्होंने किया है, वह सब आमाल-नामों में दर्ज है [69]।"


[69] आमाल-नामे और फ़रिश्तों का लिखना

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि बंदा अपनी ज़िन्दगी में जो भी अमल करता है—चाहे भला हो या बुरा—किरामन कातिबीन फ़रिश्ते उसे पूरी अमानतदारी के साथ उसके आमाल-नामे में दर्ज कर रहे हैं। क़यामत के दिन यह खुला हुआ रजिस्टर हर इंसान के सामने रख दिया जाएगा।

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