कुरान - 16:62 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

62
وَيَجۡعَلُونَ لِلَّهِ مَا يَكۡرَهُونَۚ وَتَصِفُ أَلۡسِنَتُهُمُ ٱلۡكَذِبَ أَنَّ لَهُمُ ٱلۡحُسۡنَىٰۚ لَا جَرَمَ أَنَّ لَهُمُ ٱلنَّارَ وَأَنَّهُم مُّفۡرَطُونَ

Transliteration: (Wa yaj'aloona lillaahi maa yakrahoona wa tasifu alsinatuhumul kaziba anna lahumul husnaa laa jarama anna lahumun Naara wa annahum mufratoon)

और वे अल्लाह के लिए वह ठहराते हैं जो ख़ुद अपने लिए नापसन्द करते हैं [127], और उनकी ज़बानें झूठ कहती हैं कि उनके लिए भलाई है [128]। कोई शक नहीं कि उनके लिए आग (दोज़ख़) है [129] और वे हद से गुज़रे हुए हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 62 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 62 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और वे अल्लाह के लिए वह ठहराते हैं जो ख़ुद अपने लिए नापसन्द करते हैं [127], और उनकी ज़बानें झूठ कहती हैं कि उनके लिए भलाई है [128]। कोई शक नहीं कि उनके लिए आग है [129]..."

[127] मुशरिकों का मुतज़ाद रवैया

वे बेटियों और नापसंदीदा चीज़ों को अल्लाह के लिए ठहराते हैं, जिसे ख़ुद अपने लिए ज़िल्लत समझते हैं।

[128] झूठा घमंडी दावा

उनकी ज़बानें झूठ बोलती हैं कि अगर क़यामत आई भी, तो जैसा दुनिया में उन्हें माल व औलाद मिला है, आख़िरत में भी उनके लिए भलाई ही होगी।

[129] जहन्नम का यक़ीनी अज़ाब

अल्लाह तआला ने साफ़ फ़रमा दिया कि उनके लिए दोज़ख़ की आग बिल्कुल यक़ीनी है और वे ही सबसे पहले उसमें झोंके जाएँगे।

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