कुरान - 13:2 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
ٱللَّهُ ٱلَّذِي رَفَعَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ بِغَيۡرِ عَمَدٖ تَرَوۡنَهَاۖ ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰ عَلَى ٱلۡعَرۡشِۖ وَسَخَّرَ ٱلشَّمۡسَ وَٱلۡقَمَرَۖ كُلّٞ يَجۡرِي لِأَجَلٖ مُّسَمّٗىۚ يُدَبِّرُ ٱلۡأَمۡرَ يُفَصِّلُ ٱلۡأٓيَٰتِ لَعَلَّكُم بِلِقَآءِ رَبِّكُمۡ تُوقِنُونَ

Transliteration: (Allaahul lazee raf'as samaawaati bighairi 'amadin tarawnahaa summas tawaa 'alal 'Arshi wa sakhkharash shamsa walqamara kulluny yajree li ajalim musammaa; yudabbirul amra yufassilil Aayaati la'allakum biliqaaa'i Rabbikum tooqinoon)

अल्लाह ही है जिसने आकाशों को ऐसे स्तंभों (खंभों) के बिना ऊंचा उठाया जिन्हें तुम देख सको, फिर वह अर्श पर विराजमान हुआ; और उसने सूर्य तथा चन्द्रमा को काम में लगा दिया, प्रत्येक एक निर्धारित समय तक चलता रहता है। वह हर कार्य की व्यवस्था करता है और निशानियों को विस्तार से स्पष्ट करता है ताकि तुम अपने रब से मिलने का पूरा यक़ीन कर लो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 2 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] बिना खंभों के आसमान और कायनात की व्यवस्था

अल्लाह तआला ने इस विशाल ब्रह्मांड को बिना किसी दिखाई देने वाले सहारे के क़ायम किया है। अर्श-ए-अज़ीम पर इस्तेवा उसकी शान के लायक़ है। सूरज और चांद अपनी-अपनी निर्धारित गति और कक्षा में चल रहे हैं।

✅ [2] आख़िरत और पुनरुत्थान पर यक़ीन की दलील

जो सर्वशक्तिमान ईश्वर इतने बड़े ब्रह्मांड की रचना और नियंत्रण कर सकता है, उसके लिए मृत्यु के बाद दोबारा जीवन देना और हिसाब-किताब लेना कितना आसान है!

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now