कुरान - 13:42 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

42
وَقَدۡ مَكَرَ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡ فَلِلَّهِ ٱلۡمَكۡرُ جَمِيعٗاۖ يَعۡلَمُ مَا تَكۡسِبُ كُلُّ نَفۡسٖۗ وَسَيَعۡلَمُ ٱلۡكُفَّـٰرُ لِمَنۡ عُقۡبَى ٱلدَّارِ

Transliteration: (Wa qad makaral lazeena min qablihim falillaahil makru jamee'aa; ya'lamu maa taksibu kullu nafs; wa sa ya'lamul kuffaaru liman 'uqbad daar)

और जो लोग इनसे पहले थे उन्होंने भी चालबाज़ियां की थीं, परन्तु सारी गुप्त चालें अल्लाह ही के अधिकार में हैं। वह जानता है जो कुछ प्रत्येक जीव कमाता है; और इनकार करने वालों को शीघ्र ही पता चल जाएगा कि आख़िरत का अच्छा घर किसका है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 42 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 42 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अल्लाह की तदबीर के सामने इंसानी चालें बेकार

ज़ालिमों ने हमेशा हक़ को दबाने के लिए गुप्त साज़िशें रचीं, मगर अल्लाह की सर्वोपरि तदबीर के आगे उनकी हर चाल उलटी पड़ गई। अंतिम विजय और आख़िरत का घर केवल सत्य वालों के लिए है।

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