कुरान - 13:40 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
وَإِن مَّا نُرِيَنَّكَ بَعۡضَ ٱلَّذِي نَعِدُهُمۡ أَوۡ نَتَوَفَّيَنَّكَ فَإِنَّمَا عَلَيۡكَ ٱلۡبَلَٰغُ وَعَلَيۡنَا ٱلۡحِسَابُ

Transliteration: (Wa im maa nurriyannaka ba'dal lazee na'iduhum aw nata waffayannaka fa innamaa 'alaikal balaaghu wa 'alainal hisaab)

और चाहे हम आपको उस (सज़ा) में से कुछ दिखा दें जिसका हम उनसे वादा करते हैं, या (उससे पहले) हम आपको वफ़ात दे दें—तो आप पर तो केवल (संदेश) पहुंचा देना है, और हिसाब लेना हमारे ज़िम्मे है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 40 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] तबलीग़ की ज़िम्मेदारी और हिसाब अल्लाह के ज़िम्मे

रसूल की ज़िम्मेदारी केवल अल्लाह का पैग़ाम पूरी अमानतदारी से पहुंचा देना है। काफ़िरों को दुनिया में सज़ा मिले या नबी ﷺ के बाद आख़िरत में, उनका पाई-पाई का हिसाब लेना केवल अल्लाह के ज़िम्मे है।

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