73
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِيُّ جَٰهِدِ ٱلۡكُفَّارَ وَٱلۡمُنَٰفِقِينَ وَٱغۡلُظۡ عَلَيۡهِمۡۚ وَمَأۡوَىٰهُمۡ جَهَنَّمُۖ وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ,
Transliteration: (Yaaa aiyuhan Nabiyyu jaahidil kuffaara walmunaafiqeena waghluz 'alaihim; wa maawaahum jahannnamu wa bi'sal maseer)
ऐ नबी! ग़ैब की ख़बरें बताने वाले [204]! काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों से जिहाद करो और उन पर सख़्ती [205] करो। उनका ठिकाना जहन्नम है, और वह बहुत बुरा ठिकाना [206] है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat