Transliteration: (Ishtaraw bi Aayaatil laahi samanan qaleelan fasaddoo 'an sabeelih; innahum saaa'a maa kaanoo ya'maloon)
यह आयत उन लोगों की मज़म्मत करती है जिन्होंने दुनियावी माल हासिल करने के लिए इस्लाम ठुकराया और नबी ﷺ से किए हुए अहद तोड़ दिए। उनका रवैया दुनियावी लालच से चल रहा था, जैसा कि अबू सुफ़ियान की तमा का ज़िक्र है, जिसने उन्हें अपने समझौते छोड़ने पर उभारा।
"अल्लाह की आयतें" से मुराद या तो:
अस्थायी फ़ायदे को हक़ पर तरजीह देकर और लोगों को इस्लाम क़बूल करने से रोककर उन्होंने बड़ा गुनाह किया। दीनी हिदायत को निजी फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करना ही वह काम है जिसे आयत सबसे बुरा काम कहती है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat