कुरान - 43:47 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

47
فَلَمَّا جَآءَهُم بِـَٔايَٰتِنَآ إِذَا هُم مِّنۡهَا يَضۡحَكُونَ

Transliteration: (Falamma jaaa'ahum bi aayaatinaaa izaa hum minhaa yadhakoon)

फिर जब वे उनके पास हमारी निशानियां लेकर आए, तो अचानक वे उन (निशानियों) पर हंसने (मज़ाक़ उड़ाने) लगे [83]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 47

"फिर जब वे उनके पास हमारी निशानियां लेकर आए, तो अचानक वे उन (निशानियों) पर हंसने (मज़ाक़ उड़ाने) लगे [83]!"

[83] इलाही मोजि़ज़ात का मज़ाक़ उड़ाना

जब हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने असा (लाठी) का अज़दहा बनना और यदे-बैज़ा (चमकता हाथ) जैसे रौशन मोजि़ज़ात दिखाए, तो फ़िरऔन और उसके दरबारी तकब्बुर की वजह से उन पर ठट्ठे मारने और हंसने लगे और उन्हें जादू क़रार दिया।

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