Transliteration: (Wa qeelihee yaa Rabbi inna haaa'ulaaa'i qawmul laa yu'minoon)
"और रसूल के इस अर्ज़ करने की क़सम [153]: 'ऐ मेरे रब! बेशक ये वे लोग हैं जो ईमान नहीं लाते।'"
अल्लाह तआला ने अपने महबूब नबी-ए-पाक ﷺ की मुबारक ज़बान से निकली हुई इस फ़रियाद की क़सम खाई। यह दिखाता है कि हुज़ूर ﷺ अल्लाह की बारगाह में कितने अज़ीम और प्यारे हैं कि आपकी हर अदा, आपकी गुफ़्तगू और आपकी फ़रियाद अल्लाह के नज़दीक क़सम के लाएक़ मुअज़्ज़ज़ है। यह आयत उम्मत के ईमान न लाने पर हुज़ूर ﷺ के क़ल्बी दर्द को भी उजागर करती है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat