कुरान - 39:20 सूरह अज़-ज़ुमर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
لَٰكِنِ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ رَبَّهُمۡ لَهُمۡ غُرَفٞ مِّن فَوۡقِهَا غُرَفٞ مَّبۡنِيَّةٞ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُۖ وَعۡدَ ٱللَّهِ لَا يُخۡلِفُ ٱللَّهُ ٱلۡمِيعَادَ

Transliteration: (Laakinil lazeenat taqaw Rabbahum lahum ghurafum min fawqihaa ghurafum mabniyyatun tajree min tahtihal anhaar; wa'dal laah; laa yukhliful laahul mee'aad)

लेकिन जो लोग अपने रब से डरते हैं [54], उनके लिए ऊँचे बालाख़ाने हैं जिनके ऊपर और बालाख़ाने बने हुए हैं, जिनके नीचे नहरें बहती हैं; यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह अपने वादे के ख़िलाफ़ नहीं करता [55]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुमर आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ुमर तफ़सीर - आयत 20

"लेकिन जो लोग अपने रब से डरते हैं [54], उनके लिए ऊँचे बालाख़ाने हैं जिनके ऊपर और बालाख़ाने बने हुए हैं, जिनके नीचे नहरें बहती हैं; यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह अपने वादे के ख़िलाफ़ नहीं करता [55]!"

[54] जन्नत के बहुमंज़िला बालाख़ाने (ग़ुरफ़ात)

मुत्तक़ी बंदों के लिए जन्नत में मोतियों और याक़ूत के बहुमंज़िला महल होंगे जिनके नीचे नहरें बहती होंगी।

[55] वाअदा-ए-इलाही की सच्चाई

अल्लाह का वादा अटल है, वह कभी अपने वादे के ख़िलाफ़ नहीं फ़रमाता। तक़वे के दर्जात के मुताबिक़ जन्नत में बालाख़ाने अता होंगे।

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