Transliteration: (Law araadal laahu aiyattakhiza waladal lastafaa mimmaa yakhluqu maa yashaaa'; Subhaanahoo Huwal laahul Waahidul Qahhaar)
"अगर अल्लाह अपने लिए औलाद बनाना चाहता, तो अपनी मख़्लूक़ में से जिसे चाहता चुन लेता [11]; वह पाक है! वही अल्लाह है जो अकेला, सब पर ग़ालिब (क़ह्हारी) है [12]!"
यह बात मुशरिकीन की मंतिक़ के रद्द के तौर पर ब-तौर फ़र्ज़ कही गई कि अगर (नौजुबिल्लाह) अल्लाह को औलाद की हाजत होती, तो वह अपनी मर्ज़ी से चुनता, काफ़िरों की तराशी हुई औलाद का पाबंद न होता।
अल्लाह तआला औलाद, बीवी और तमाम ऐबों से पाक है। वह "अल-क़ह्र" है, सब पर ग़ालिब और मुतलक़ुल इनान है। औलाद की हाजत उसे होती है जो कमज़ोर हो, फ़ना होने वाला हो या वारिस का मोहताज हो; अल्लाह हय्यु व क़य्यूम और बे-नियाज़ है।
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