कुरान - 39:48 सूरह अज़-ज़ुमर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
وَبَدَا لَهُمۡ سَيِّـَٔاتُ مَا كَسَبُواْ وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ

Transliteration: (Wa badaa lahum saiyiaatu maa kasaboo wa haaqa bihim maa kaanoo bihee yastahzi'oon)

और उनकी कमाई हुई बुराइयां उन पर ज़ाहिर हो जाएंगी [121], और जिस चीज़ का वे मज़ाक़ उड़ाते थे वही उन्हें घेर लेगी [122] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुमर आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ुमर तफ़सीर - आयत 48

"और उनकी कमाई हुई बुराइयां उन पर ज़ाहिर हो जाएंगी [121], और जिस चीज़ का वे मज़ाक़ उड़ाते थे वही उन्हें घेर लेगी [122] ।"

[121] बद-आमालियों का अज़ाब की शक्ल में ज़ाहिर होना

काफ़िरों ने दुनिया में जितने गुनाह, कुफ़्र और ज़ुल्म किए थे, वे सब क़ियामत के दिन उनके सामने अज़ाब और रुसवाई की शक्ल में मुजस्सम होकर आ जाएंगे। उनके ज़ाहिरी अच्छे काम भी कुफ़्र के सबब ज़ाया और अकारथ हो जाएंगे।

[122] जिस अज़ाब का मज़ाक़ उड़ाया वही मुसल्लत हुआ

दुनिया में जब अंबिया-ए-किराम उन्हें अज़ाब-ए-इलाही और जहन्नम से डराते थे, तो वे उसका मज़ाक़ उड़ाते और कहते कि 'लाओ वह अज़ाब कहाँ है!' अब वही अज़ाब उन्हें हर तरफ़ से घेर लेगा और कोई उससे बचा न सकेगा।

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