Transliteration: (Awalam yaseeroo fil ardi fa yanzuroo kaifa kaana ‘aaqibatul lazeena min Qablihim wa kaanoo ashadda minhum quwwah; wa maa kaanal laahu liyu’jizahoo min shai’in fis samaawaati wa laa fil ard; innahoo kaana ‘Aleeman Qadeeraa)
"क्या उन्होंने ज़मीन में सैर नहीं की कि देखते कि उन लोगों का कैसा अंजाम हुआ [130] जो उनसे पहले थे, हालाँकि वे ताक़त में इनसे कहीं ज़्यादा सख़्त थे? और अल्लाह ऐसा नहीं कि आसमानों और ज़मीन में कोई चीज़ [131] उसके क़ाबू से बाहर जा सके [132]; बेशक वह सब कुछ जानने वाला, पूरी क़ुदरत रखने वाला है।"
यहाँ दो अज़ीम मस्अले साबित होते हैं:
काफ़िरों पर अज़ाब के आने में जो मोहलत मिलती है वह अल्लाह की किसी आजिज़ी की वजह से नहीं, बल्कि उसकी हिकमते बालिग़ा के तहत है।
आसमान और ज़मीन की कोई ताक़त अल्लाह के इहाता-ए-क़ुदरत से बाहर नहीं भाग सकती। वह हर चीज़ पर ग़ालिब और अलीम व क़दीर है।
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