कुरान - 41:20 सूरह फुस्सिलात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
حَتَّىٰٓ إِذَا مَا جَآءُوهَا شَهِدَ عَلَيۡهِمۡ سَمۡعُهُمۡ وَأَبۡصَٰرُهُمۡ وَجُلُودُهُم بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Hattaaa izaa maa jaaa'oohaa shahida 'alaihim samu'uhum wa absaaruhum wa julooduhum bimaa kaanoo ya'maloon)

यहां तक कि जब वे उसके पास पहुंच जाएंगे, तो उनके कान और उनकी आंखें और उनकी खालें (जिस्म के अंग) उनके ख़िलाफ़ उन आमाल की गवाही देंगी [53] जो वे किया करते थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह फुस्सिलात आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह फ़ुस्सिलत (हा-मीम अस-सजदा) तफ़सीर - आयत 20

यहां तक कि जब वे उसके पास पहुंच जाएंगे, तो उनके कान और उनकी आंखें और उनकी खालें (जिस्म के अंग) उनके ख़िलाफ़ उन आमाल की गवाही देंगी [53] जो वे किया करते थे।

[53] जिस्म के आज़ा व जवारिह की गवाही

मैदान-ए-हश्र में जब काफ़िर अपने गुनाहों का इन्कार करेंगे और झूठ बोलेंगे, तो अल्लाह तआला उनकी ज़बानों पर मुहर लगा देगा और उनके अपने आजा यानी कान, आंखें, हाथ-पैर और खालें ख़ुद बोल कर गवाही देंगी।

तफ़सीर रूहुल मआनी में है कि सबसे पहले दायां हाथ बोलेगा और कहेगा कि इसने मुझसे यह गुनाह किया था। इंसान अपने जिन अंगों से छुप कर गुनाह करता था, वही अंग उसके सबसे बड़े गवाह बन जाएंगे।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now