कुरान - 40:34 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

34
وَلَقَدۡ جَآءَكُمۡ يُوسُفُ مِن قَبۡلُ بِٱلۡبَيِّنَٰتِ فَمَا زِلۡتُمۡ فِي شَكّٖ مِّمَّا جَآءَكُم بِهِۦۖ حَتَّىٰٓ إِذَا هَلَكَ قُلۡتُمۡ لَن يَبۡعَثَ ٱللَّهُ مِنۢ بَعۡدِهِۦ رَسُولٗاۚ كَذَٰلِكَ يُضِلُّ ٱللَّهُ مَنۡ هُوَ مُسۡرِفٞ مُّرۡتَابٌ

Transliteration: (Wa laqad jaaa'akum Yoosufu min qablu bil baiyinaati famaa ziltum fee shakkim mimmaa jaaa'akum bihee hattaaa izaa halaka qultum lai yab asal laahu mim ba'dihee Rasoolaa; kazaalika yudillul laahu man huwa Musrifum murtaab)

'और बेशक इससे पहले तुम्हारे पास यूसुफ़ रोशन दलाइल लेकर आए थे [88] [89], तो तुम हमेशा उनके लाए हुए पैग़ाम के बारे में शक ही में रहे [90]; यहाँ तक कि जब उनका विसाल हुआ तो तुम कहने लगे: 'अब अल्लाह उनके बाद हरगिज़ कोई रसूल न भेजेगा [91]'; इसी तरह अल्लाह उसे गुमराह कर देता है जो हद से बढ़ने वाला, शक करने वाला हो [92] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 34 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 34

"'और बेशक इससे पहले तुम्हारे पास यूसुफ़ रोशन दलाइल लेकर आए थे [88] [89], तो तुम हमेशा उनके लाए हुए पैग़ाम के बारे में शक ही में रहे [90]; यहाँ तक कि जब उनका विसाल हुआ तो तुम कहने लगे: 'अब अल्लाह उनके बाद हरगिज़ कोई रसूल न भेजेगा [91]'; इसी तरह अल्लाह उसे गुमराह कर देता है जो हद से बढ़ने वाला, शक करने वाला हो [92] ।'"

[88] हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम की आमद

हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम से पहले हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम मिस्र में तशरीफ़ लाए थे और तौहीद की दावत दी थी।

[89] रोशन मोजिज़ात व हिकमत

हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने ख़्वाबों की ताबीर, हुस्न-ए-इंतज़ाम और नबुव्वत के बेमिसाल मोजिज़ात दिखाए।

[90] शक और तरद्दुद में मुब्तला रहना

अहले मिस्र ने उस वक़्त भी दिल से तस्दीक़ न की बल्कि शक-ओ-शुबहे में पड़े रहे।

[91] विसाल के बाद झूठा दावा

जब हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम का विसाल हो गया, तो अपनी नफ़्सानी ख़्वाहिशात के तहत कहने लगे कि अब कोई नबी नहीं आएगा, ताकि किसी नए नबी (हज़रत मूसा) की इताअत से बच सकें।

[92] मुस्रिफ़ और शक करने वाले की गुमराही

जो शख़्स हक़ के वाज़ेह होने के बावजूद शक और सरकशी में पड़ा रहे, वह हिदायत के नूर से महरूम कर दिया जाता है।

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