कुरान - 47:37 सूरह मुहम्मद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
إِن يَسۡـَٔلۡكُمُوهَا فَيُحۡفِكُمۡ تَبۡخَلُواْ وَيُخۡرِجۡ أَضۡغَٰنَكُمۡ

Transliteration: (Iny yas'alkumoohaa fa yuhfikum tabkhaloo wa yukhrij adghaanakum)

अगर वह तुमसे तुम्हारा सारा माल माँग ले और सख़्ती से माँगे, तो तुम बुख़्ल (कंजूसी) करने लगोगे, और यह बुख़्ल तुम्हारे दिलों के कीने को ज़ाहिर कर देगा [91]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मुहम्मद आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह मुहम्मद तफ़सीर - आयत 37

"अगर वह तुमसे तुम्हारा सारा माल माँग ले और सख़्ती से माँगे, तो तुम बुख़्ल (कंजूसी) करने लगोगे, और यह बुख़्ल तुम्हारे दिलों के कीने को ज़ाहिर कर देगा [91]।"


[91] बुख़्ल से दिल की कमज़ोरी ज़ाहिर होना

इंसान की फ़ितरत में माल की मोहब्बत रखी गई है। अगर अल्लाह तआला इम्तिहान के तौर पर सारा माल ख़र्च करने का हुक्म दे देता, तो बहुत से लोग बुख़्ल करते और उनके दिलों की छुपी हुई कमज़ोरी और निफ़ाक़ खुलकर सामने आ जाता। इसलिए अल्लाह ने केवल थोड़ा सा हिस्सा वाजिब फ़रमाकर अपने बंदों पर बड़ा एहसान फ़रमाया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now