कुरान - 34:51 सूरह सबअ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

51
وَلَوۡ تَرَىٰٓ إِذۡ فَزِعُواْ فَلَا فَوۡتَ وَأُخِذُواْ مِن مَّكَانٖ قَرِيبٖ

Transliteration: (Wa law taraaa iz fazi'oo falaa fawta wa ukhizoo min makaanin qareeb)

और काश आप देखें जब वे (मौत व क़यामत के वक़्त) घबराए हुए होंगे, तो कोई बच निकलने की जगह न होगी [147] और वे क़रीब ही की जगह से पकड़ लिए जाएंगे [148]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह सबअ आयत 51 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह सबा तफ़सीर - आयत 51

"और काश आप देखें जब वे घबराए हुए होंगे, तो कोई बच निकलने की जगह न होगी [147] और वे क़रीब ही की जगह से पकड़ लिए जाएंगे [148]!"

[147] मुनकिरीन पर मौत और महशर की दहशत

मौत के वक़्त और मैदाने महशर में काफ़िरों पर ऐसी शदीद घबराहट और दहशत तारी होगी कि उन्हें भागने या छुपने का कोई रास्ता न मिलेगा।

[148] गिरफ़्तारी की क़ुर्बत और लाचारी

अल्लाह की पकड़ इतनी क़रीब और यक़ीनी होगी कि वे पलक झपकते ही अज़ाब के फ़रिश्तों की गिरफ़्त में आ जाएंगे।

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