कुरान - 34:53 सूरह सबअ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

53
وَقَدۡ كَفَرُواْ بِهِۦ مِن قَبۡلُۖ وَيَقۡذِفُونَ بِٱلۡغَيۡبِ مِن مَّكَانِۭ بَعِيدٖ

Transliteration: (Wa qad kafaroo bihee min qablu wa yaqzifoona bilghaibi min makaanin ba'eed)

हालाँकि उन्होंने इससे पहले उसका इनकार किया था, और वे दूर की जगह से बे-देखे (अटकल के) तीर चलाते रहे थे [150]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह सबअ आयत 53 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह सबा तफ़सीर - आयत 53

"हालाँकि उन्होंने इससे पहले उसका इनकार किया था, और वे दूर की जगह से बे-देखे तीर चलाते रहे थे [150]!"

[150] दुनिया में बे-बुनियाद अटकलें और तकज़ीब

दुनिया में जब सोचने-समझने का वक़्त था, तब वे बग़ैर किसी दलील के अटकल-पच्चू और अंधेरे में तीर चलाते रहे और नबी की शान में बे-बुनियाद बातें गढ़ते रहे।

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