कुरान - 36:48 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَٰذَا ٱلۡوَعۡدُ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ

Transliteration: (Wa yaqooloona mataa haazal wa'du in kuntum saadiqeen)

और वे कहते हैं: "यह (क़ियामत का) वादा कब पूरा होगा [73] अगर तुम सच्चे हो?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 48

"और वे कहते हैं: 'यह वादा कब पूरा होगा [73] अगर तुम सच्चे हो?'"

[73] क़ियामत के वादे का मज़ाक़ उड़ाना

मुनकिरीन यह सवाल तहक़ीक़ या ईमान की नीयत से नहीं, बल्कि तंज़ और मज़ाक़ उड़ाने के लिए करते थे। वे कहते थे कि तुम मुद्दत से हमें क़ियामत और हिसाब-किताब से डरा रहे हो, वह दिन आता क्यों नहीं? उनका यह रवैया उनकी जहालत और सरकशी का खुला सबूत था।

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