कुरान - 6:52 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

52
وَلَا تَطۡرُدِ ٱلَّذِينَ يَدۡعُونَ رَبَّهُم بِٱلۡغَدَوٰةِ وَٱلۡعَشِيِّ يُرِيدُونَ وَجۡهَهُۥۖ مَا عَلَيۡكَ مِنۡ حِسَابِهِم مِّن شَيۡءٖ وَمَا مِنۡ حِسَابِكَ عَلَيۡهِم مِّن شَيۡءٖ فَتَطۡرُدَهُمۡ فَتَكُونَ مِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ

Transliteration: (Wa laa tatrudil lazeena yad'oona Rabbahum bilghadaati wal 'ashiyyi yureedoona Wajhahoo ma 'alaika min hisaabihim min shai'inw wa maa min hisaabika 'alaihim min shai'in fatatrudahum fatakoona minaz zaalimeen)

और उन लोगों को अपने से दूर न करो [101] जो सुबह और शाम अपने रब को पुकारते हैं, उसकी रज़ा चाहते हुए [102]। न तुम्हारे ऊपर उनका कोई हिसाब है [103], और न उनके ऊपर तुम्हारा कोई हिसाब। अगर तुम उन्हें दूर कर दोगे, तो निस्संदेह तुम ज़ालिमों में से हो जाओगे [104]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 52 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरा अल-अनआम – आयत 52

✅ [101] अल्लाह के मोमिन बंदों का हमेशा सम्मान

यह आयत उन परहेज़गार और इबादतगुज़ार बंदों के लिए ख़ुशख़बरी है जो सुबह-शाम अल्लाह का ज़िक्र करते हैं। उन्हें न दुनिया में और न आख़िरत में नबी ﷺ की सोहबत से दूर किया जाएगा। जो भी नबी ﷺ की क़ुरबत चाहता है, उसे हमेशा अल्लाह का ज़िक्र करते रहना चाहिए।

✅ [102] "मुरीद" का असली मतलब

यहाँ से मुरीद का अर्थ लिया गया — यानी वह जो अल्लाह की रज़ामंदी चाहता है और किसी सही रहनुमा (मुरशिद) के हाथ पर बैअत करता है। उसका मक़सद सिर्फ़ अल्लाह की ख़ुशी है, न कि दुनियावी ओहदा।

✅ [103] नबी ﷺ को हटाने का मक्का वालों का प्रस्ताव

यह आयत तब नाज़िल हुई जब मक्का के सरदारों ने देखा कि नबी ﷺ के पास ग़रीब और कमज़ोर लोग बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप ﷺ इन्हें हटा दें तो हम आपकी महफ़िल में बैठेंगे। नबी ﷺ ने इस पेशकश को ठुकरा दिया, और अल्लाह ने फ़रमाया — "न तुम्हारे ऊपर उनका हिसाब है और न उनके ऊपर तुम्हारा।"

✅ [104] रहमत व करम का पैग़म्बरी मिज़ाज

यहाँ ज़ुल्म का मतलब कुफ़्र नहीं, बल्कि वह काम है जो नबी ﷺ जैसे रहमत वाले शख़्स के शान के लायक़ न हो। ग़रीबों को अपनी मजलिस से दूर करना नबी ﷺ के अख़लाक़ के ख़िलाफ़ होता। इससे सीख मिलती है कि ग़रीबों से मोहब्बत और उनका एहतराम पैग़म्बरी की पहचान और हिदायत की निशानी है।

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